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राजसूय। एक बार फिर से बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदनगोपाल मेघवाल चर्चा में आ गए हैं। चर्चा की वजह पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल से मदन मेघवाल की कहासुनी है। यह कहासुनी कांग्रेस के सह प्रभारी चिरंजीवी राव के सामने हुई, जिसके बाद माहौल गरमा गया। बुधवार के घटनाक्रम में एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया कि गोविंद मेघवाल को गुस्सा क्यों आता है? क्योंकि आज गोविंद मेघवाल जिस तरह से बिफरे और फिर पत्रकारों के सामने अपनी बात कही, उससे लगता है कि वे काफी समय से भरे हुए थे।
आज उन्हें चिरंजीराव ने सवाल पूछकर बोलने का मौका दे दिया। यह सारा घटनाक्रम कांग्रेस के सहप्रभारी चिरंजीराव के सामने तब हुआ, जब ने बीकानेर से वापस जा रहे थे। जाते सामने सामने गोविंद मेघवाल को आता देख उन्होंने पूछा कि आप प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए तो जवाब में गोविंद ने कहा कि उन्हें सूचना नहीं थी। गोविंद की शिकायत थी कि दोनों ही अध्यक्ष उन्हें सूचना नहीं देते। इस पर पास ही खड़े मदन मेघवाल ने कह दिया कि आप मुझे अध्यक्ष मानते ही नहीं। यहीं से विवाद शुरू हुआ, जिसमें आगे पीछे की कई बातें सुना दी गई।
गोविंद मेघवाल बीकानेर के दिग्गज राजनेता माने जाते हैं, लेकिन कांग्रेस की राजनीति में आने के बाद से उन्हें वो वेटेज नहीं मिल रहा है, जो उन्हें चाहिए। देहात कांग्रेस में तो इतनी गुटबाजी पहले से ही है कि उन्हें यह समझ में ही नहीं आ रहा कि किसके साथ खड़े हों। खाजूवाल से उन्हें टिकट मिला, लेकिन हार जाने के कारण वे यहां भी अलग-थलग है।
उनके साथ अनेक विवाद भी जुड़े हैं। जैसे, उनका वीडियो वायरल होना या कांग्रेस के समानानंतर प्रदर्शन करते हुए अपनी शक्ति दिखाना जैसे घटनाक्रम उनके विरोधियों के लिए अवसर साबित होते रहे हैं। निगम चुनाव में मदन मेघवाल पर सिंबल बदलने का आरोप लगा फिर उनके साथ हुई बदसलूकी नेशनल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसके कारण भाजपा को एक मुद्दा मिल गया।
फिर गोविंद मेघवाल ने निगम चुनाव में उपमहापौर की हार के कारणों की जांच की मांग करते हुए कहा कि मेयर को जिताने का अगर शहर अध्यक्ष श्रेय लेते हैं तो उन्हें यह जवाब भी देना चाहिए कि डिप्टी मेयर के चुनाव में क्यों हारे। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि मदन मेघवाल का बीकानेर शहर अध्यक्ष बनना कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को हमेशा ही अखरता रहा है।
दूसरी ओर गोविंद मेघवाल भी लंबे समय से कांग्रेस में अपनी लड़ाई खुद ही लड़ रहे हैं। खाजूवाल विधानसभा का चुनाव हारने के बाद वे ग्रामीण राजनीति से भी अलग-थलग कर दिए गए हैं, ऐसे में हो सकता है गोविंद का आज का गुस्सा पंचायत चुनावों के मद्देनजर ही भड़का हो।
'गोविंद अक्सर ऐसा बोलते रहते हैं'
गोविंद मेघवाल के मीडिया में जारी बयान के बाद यह प्रकरण के चर्चा में आ गया है। इससे एक ओर जहां राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गरम है वहीं शहर कांग्रेस अध्यक्ष मदन मेघवाल इसे एक सामान्य घटना बताते हुए कहा है कि सह प्रभारी चिरंजी राव के सामने उन्होंने अपनी बात रखी और मैंने अपनी। जब मदन मेघवाल से पूछा गया कि गोविंद मेघवाल तो कुछ और बात कर रहें तो उन्होंने कहा की वो अक्सर ऐसा बोलते रहते है। -मदन मेघवाल, कॉंग्रेस शहर जिलाध्यक्ष
लेखक
Rajesh Ojha
Bikaner
बीकानेर से प्रकाशित होने वाले हैलो बीकानेर व चूरू सेवन स्टार के संपादक। डिजीटल मीडिया के क्षेत्र में का विशेष अनुभव। राजसूय अखबार के संपादकीय विभाग प्रमुख।