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नौंवी रात :: लोकरंग में दिखे राम, लक्ष्मण और जानकी, गूंजा जयकारा, जै बोलो हड़मान की

सूरतगढ़ में हो रही है राजस्थानी में रामलीला

Oct 20, 2026 Super Admin

लोकरंग में दिखे राम, लक्ष्मण और जानकी, गूंजा जयकारा, जै बोलो हड़मान की
राजसूय
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"आच्छे काम नै करण में देरी नीं करणी चाइजे माड़ो काम जितो हो सके टाल्यों जा सके उतनो टालणों चाइजै।" 
वरतमान जुग रो सांच अर घणों जरूरी 

राजस्थानी भाषा साहित्य, संस्कृति रीति रिवाज परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु राजस्थानी के वरिष्ठ लेखक, साहित्यकार निर्देशक भाषा आंदोलनकर्मी मनोज कुमार स्वामी को फाउंडेशन की तरफ से 51 हजार रुपए देने की घोषणा

राजस्थानी रामलीला की रात में रावण का दरबार, रामा दल विभीषण हनुमान जी और राम लक्ष्मण, मेघनाथ युद्ध वध, सुलोचना संवाद ,रावण सुलोचना संवाद रामादल और सुलोचना, रावण अहिरावण संवाद, राम लक्ष्मण का
अपहरण हनुमान मकरध्वज संवाद अहिरावण वध नैरातुक युद्ध , दधिबल संवाद ,राम रावण युद्ध रावण की मृत्यु जैसे दृश्य भावपूर्ण तरीके से मंचित किए गए। रामलीला में राम, लक्ष्मण, जानकी का किरदार करने वाले कलाकार लोकरंग में रंगे नजर आए। बीच बीच में जयकारा 'जै बोलो हड़मान' की भी गूंजता रहा।

राजसूय। सूरतगढ़। राजस्थानी रामलीला का हनुमान चौक पर बड़ी ही खूबसूरती सुंदर अभिनय गीत संगीत के साथ नवी रात की राजस्थानी रामलीला मनोज कुमार स्वामी के निर्देशन में सफलतापूर्वक मंचित की गई । रामलीला की शुरुआत में भगवान श्रीराम जी लक्ष्मण जी की आरती मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय कोच द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर सैनी वरिष्ठ बैंककर्मी श्रीकांत दईया, युवा चिकित्सक समाजसेवक डॉ.सुरेश परिहार व आयोजन समिति के सदस्यों ने आरती कर सफल प्रस्तुति की आराधना की।

हनुमान चौक मंच पर प्रस्तुत लीला दृश्य

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रामलीला में नवी रात की लीला में 14 महत्वपूर्ण दृश्यों का मंचन किया गया जिसमें रावण का दरबार, रामा दल विभीषण ,हनुमान जी और रामा दल, लक्ष्मण मेघनाथ युद्ध वध ,सुलोचना संवाद ,रावण सुलोचना संवाद ,राम दल और सुलोचना, रावण अहिरावण संवाद, राम लक्ष्मण का हरण ,हनुमान जी मकरध्वज संवाद ,अहिरावण वध, नरातुक युद्ध, दधिबल संवाद ,राम रावण युद्ध रावण की मृत्यु जैसे दृश्य राजस्थानी गीत -संगीत कोरस राजस्थानी लोकरंग  से प्रस्तुत किए गए।

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राजस्थानी रामलीला के संवाद -

अहिरावण - पिता जी महाराज थे किणी तरियां री फिकर ना करो। जावू  हूं अबी रात नें ई, दोनूंवां नें चक ल्याऊंगो ।। भख मांगे है देवी, बां री बली चढ़ाऊंगो।
        (अहिरावण रो जावणो)
     पड़दो गिराणो-पड़दो उठाणो

(दरसाव रात रो -रात री फौजी छावणी मे सगळा सुत्या है, हड़मान जी पै हरो देवे है) (अहिरावण विभिसण बणगे आवै)
हड़मान जी - कुण हो भाई ?
अहिरावण - सियापति रामचन्द्र जी री जै।
हड़मान जी - कुण हो भाई, आधी रात रो के काम है ?
अहिरावण - मै विभिषण हूं भाई।
हड़मान जी - विभिषण जी, इति रात ताई थे कठै हा ?
अहिरावण-भाई समदर तट पर सिंझया री पूजा करण गेयो हो ।

हड़मान-जी- रात खासा हुगी भाई थे अबै अराम करो।
(अहिरावण मंत्रा सूं हड़मान जी में बेचैत कर देवै अर राम-अर लिछमण में ले ज्यावे)
      (दिनूंगे सगळा जागे)
सुग्रीव -जामवंत जी, थाने ठा है के प्रभु किने है?
जामवंत - नई तो म्हे भी थारै खन ई सुत्यो हो।
छैकड़ले दरसाव में राम रावण जुद्ध में विभीसण भगवान श्री राम जी को सुंडी में तीर मारने को कहते हैं और रावण मृत्यु सैया माथे केवे के" आच्छे काम नै करण में देरी नीं करणी चाइजे माड़ो काम जितो हो सके टाल्यों जा सके उतनो टालणों जावै।"
राजस्थानी रामलीला गो भौत  मोटो संदेस देवे। इण भांत राजस्थानी रामलीला री नवमीं रात सम्पूरण होवे।

रामलीला में अहिरावण का चरित्र युवा रंगकर्मी हरीश स्वामी ने तथा मकरध्वज का पात्र 11 वर्ष के छोटे से कलाकार धीरेंद्र स्वामी ने अपनी कला से पात्र को जीवंत कर दिया दर्शकों ने खूब तालियां बजाकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया। राजस्थानी रामलीला चरित्र बड़ी मां गवरी लोकनाट्य शैली में राजस्थानी गीतों की प्रस्तुति ऐतिहासिक बन पड़ी जिसमें दर्शक बड़ी मां के साथ राजस्थानी लोकगीतों पर झूलने लग गए
रामलीला के सभी कलाकारों ने पत्र चरित्र अभिनय को अपनी कला प्रतिभा से जीवंत कर दिया ।राजस्थानी रामलीला में पहुंची भीड़ से यूं लग रहा था मानो पूरा सूरतगढ़ शहर हनुमान चौक पर आ गया हो हजारों की भीड़ राजस्थानी रामलीला के माध्यम से राजस्थानी भाषा साहित्य को और बलवती प्रदान कर रहे हैं ।छोटे सैनिक के चरित्र सबसे छोटे 8 वर्ष के दीपेश स्वामी ने भावपूर्ण अभिनय कर दर्शकों की खूब तालियां बंटोरी।

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इस अवसर पर नवी रात के मुख्य अतिथि अंतर्राष्ट्रीय कोच द्रोणाचार्य अवार्डी महावीर सैनी, डॉ.सुरेश परिहार ने कहा कि भगवान राम का चित्र चरित्र हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है वर्तमान समय में भगवान राम का जीवन चरित्र से शिक्षा लेते हुए राम राज्य की स्थापना की जा सकती है राजस्थानी रामलीला के मार्फत हमें अपनी जड़ों से जुड़ने का मौका मिला है 12 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली ने राजस्थानी भाषा को लेकर जो ऐतिहासिक निर्णय दिया है उसे निर्णय पर राजस्थान सरकार को जल्द से जल्द संजीदा ओर जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए ,अब समय आ गया है कि केंद्र एवं राजस्थान सरकार को राजस्थानी भाषा के लिए देरी नहीं करनी चाहिए भविष्य में जैन जी अपनी भाषा के लिए कुछ भी कर सकता है ऐसा राजस्थानी रामलीला की युवा कलाकारों के चरित्र अभिनय में दिखाई पड़ता है अब राजस्थानी भाषा आंदोलन की डोर युवाओं के हाथों में है।

राजस्थानी रामलीला राजस्थानी रामलीला आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य बाबूलाल शर्मा लाइव प्रसारण निदेशक अशोक कुमार स्वामी द्वारा अंतर्राष्ट्रीय कोच द्रोणाचार्य आबादी महावीर सैनी वरिष्ठ बैंककर्मी श्रीकांत दईया वरिष्ठ समाजसेवी ,चिकित्सक डॉ. सुरेश परिहार को सेनांणी भेंट कर सम्मान किया गया

राजस्थानी रामलीला कलाकार-
निरदेसक मनोज कुमार स्वामी के संयोजन में भूमिकाए निभाई जिसमें अहिरावण - हरीश स्वामी राम - आर्य स्वामी, रावण, बड़ी मां- देव भारती, मकड़ध्वज - धीरेन स्वामी,हड़मान- संजय बिश्नोई, सुलोचना - जया देराश्री , नरातुक, लिछमण- प्रदीप जसूजा,अंगद- राजकमल, सुग्रीव-विनोद ओझाईया, सैनिक- उतम कुमार, हरीश छीपा संस्कार ओझा विभीषण- सोनू
जोईया,मेघनाद,रागक्ष -तपेश स्वामी, नारद अर जामवंत- अशोक वर्मा बैक स्टेज - रेनुबाला स्वामी, गरिमा , हर्षिता का  रहा । राजस्थानी रामलीला का लाइव प्रसारण निदेसक अशोक कुमार स्वामी के सफल संयोजन में हुआ । सूत्रधार की भूमिका में डॉ.गौरीशंकर निमिवाळ ने राजस्थानी भासा साहित्य संस्कृति के न्यारे -न्यारे रंगो को राजस्थानी दोहों के माध्यम से प्रस्तुत किया ।
राजस्थानी रामलीला आयोजन समिति के वरिष्ठ सदस्य पवन गोयल ने पधारे अतिथियों गणमान्य नागरिकों व जन समूह का आभार व्यक्त किया।

सहयोगी संस्थान : 

यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन ,जयपुर की तरफ से राजस्थानी भाषा साहित्य संस्कृति रीति रिवाज परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु राजस्थानी के वरिष्ठ लेखक, साहित्यकार निर्देशक भाषा आंदोलनकर्मी मनोज कुमार स्वामी को फाउंडेशन की तरफ से 51 हजार रुपए देने की घोषणा आयोजन समिति के संरक्षक मुरलीधर उपाध्याय द्वारा की गई। इस अवसर पर फाउंडेशन के अध्यक्ष उद्योगपति मेघराज सिंह रॉयल, प्रोजेक्ट हेड निदेशक के बोहरा का रामलीला आयोजन समिति,संस्थान के सदस्यों, रंग कलाकारों दर्शकों ने तालियां बजाकर आभार व्यक्त किया गया।

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